Connect with us

Culture: उत्तराखंड के कुछ ऐसे गांव, जहां होली में पसर जाता है सन्नाटा,पढ़िए इस मिथक को…

उत्तराखंड

Culture: उत्तराखंड के कुछ ऐसे गांव, जहां होली में पसर जाता है सन्नाटा,पढ़िए इस मिथक को…

कुमांऊ। होली का त्योहार पूरे उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं देवभूमि में भी होली का उल्लास शुरू हो गया है। बैठकी होली के बाद अब खड़ी होली के साथ ही हर तरफ रंग-गुलाल के बीच ढोल-मंजीरे की थाप सुनाई देनी शुरू हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं उत्तराखंड में कई गांव ऐसे भी हैं जहां होली नहीं मनाई जाती है। सीमांत पिथौरागढ़ जिले की तीन तहसीलों धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट के कई गांवों में होली मनाना अपशकुन माना जाता है। इन गांवों में आज भी होली का उल्लास गायब रहता है। यहां के लोग अनहोनी की आशंका में होली खेलने और मनाने से परहेज करते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ…

कुमाऊं की बैठकी और खड़ी होली देश-दुनियाभर में जानी जाती है। रंग का पर्व यहां धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन कुमाऊं के ही पिथौरागढ़ जिले में चीन और नेपाल सीमा से लगी तीन तहसीलों में होली का उल्लास गायब रहता है। पूर्वजों के समय से चला आ रहा यह मिथक आज भी नहीं टूटा है। होली के दिनों में जहां पूरे कुमाऊं में उत्साह चरम पर होता है वहीं इन गांवों में सन्नाटा पसरा रहता है।

यह भी पढ़ें 👉  सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर सीएम धामी की समीक्षा…

तहसीलों में होली न मनाने के कारण भी अलग-अलग हैं। मुनस्यारी में होली नहीं मनाने का कारण इस दिन होली मनाने पर किसी अनहोनी की आशंका रहती है। डीडीहाट के दूनाकोट क्षेत्र में अपशकुन तो धारचूला के गांवों में छिपलाकेदार की पूजा करने वाले होली नहीं मनाते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  पूर्व उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन के लिए 289.98 करोड़ की व्यवस्था…
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top