Connect with us

डीएम ने सैक्टरवार संगठित की टीम; टाइम बाउण्ड एक्शन की आदत डाले अधिकारी

उत्तराखंड

डीएम ने सैक्टरवार संगठित की टीम; टाइम बाउण्ड एक्शन की आदत डाले अधिकारी

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में देहरादून शहर की प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देेश दिए। इस दौरान कार्यदायी संस्था निर्माण निगम लोनिवि द्वारा परियोजना की प्रजेंन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुति दी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कारिडोर परियोजना व्यापक जनहित तथा मा0 मुख्यमंत्री जी प्राथमिकता का प्राजेक्ट है तथा इसकी मॉनिटिरिंग की जा रही है। डीएम का इस प्राजेक्ट पर विशेष फोकस है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीएम एवं परियोजना से जुड़े नोडल अधिकारी उनके सामने एक ही छत के नीचे बैठकर कार्य करेंगे।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से इस प्राजेक्ट को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व, एमडीडीए, नगर निगम, यूपीसीएल आदि सम्बन्धित विभागों के नामित अधिकारी एवं कार्मिक जो एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के अन्तर्गत कार्य कर रहे हैं वे सभी एक अलग स्थान चयन करते हुए एक ही जगह निर्धारित स्थान पर परियोजना से सम्बन्धित बैठक एवं अन्य अभिलेखीय कार्यवाही, निर्धारित समयनुसार संयुक्त फील्ड विजिट कर कार्यवाही के निर्देश दिए। फील्ड में अधिकारियों को सैक्टर, जोनवार आंविटत करतेे हुए फील्ड सम्बन्धी कार्यों मौका मुआवना अन्य फील्ड सम्बन्धी कार्यवाही संम्पादित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार- उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनसेवा पहल

जिलाधिकारी ने एसएलओ भूमि अधिग्रण सम्बन्धी कार्यवाही तेजी लाने तथा नगर निगम एवं एमडीडीए को भूमि के लैण्ड बैंक सम्बन्धी रिपोर्ट 03 दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  क्यों आज भी लाखों लोग आंतरिक शांति के लिए परमहंस योगानंद की ओर मुड़ते हैं – विधि बिरला

ज्ञातब्य है कि एलिवेटेड कॉरिडोर रिस्पना नदी पर 2500 करोड़ की लागत से 11 किमी, एवं बिंदाल नदी पर 3750 करोड़ की लागत से 15 किमी लम्बे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण कार्य प्रस्तावित है। जिसके लिए इन नदियों के भीतर विद्युत लाईन, हाईटेंशन लाईन, सीवर लाईन इत्यादि का नदी से बाहर विस्थापन किया जाना है।

एलिवेटेड रोड के साथ नदी के दोनो किनारों पर रिटेनिंग वॉल निर्माण, एवं बाढ सुरक्षा कार्य के साथ ही नदी के पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुधार एवं सौन्दर्यीकरण आदि कार्य किये जाने है। रिस्पना एलिवेटेड कोरिडोर में प्रभावित कुल भूमि क्षेत्रफल 44.6421 हेक्टेयर है सरकारी भूमि 43.5427 हे0 निजी भूमि 1.099 हे0, जिसमें 1120 संरचनाएं प्रभावित हो रही हैं जिनमें स्थायी 771, अस्थायी 349 हैं। बिन्दाल ऐलिवेेटेड कोरिडोर कुल 43.9151 हेक्टयर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है, जिनमें सरकारी भूमि 26.1926, निजी भूमि 17.7225 हेक्टेयर, प्रभावित वन भूमि 2.25 हेक्टेयर हैं तथा कुल 1494 संरचनाएं प्रभावित हो रही हैं जिनमें स्थायी संरचनाएं 934, प्रभावित अस्थायी 560 है।

यह भी पढ़ें 👉  शीतकालीन पर्यटन को नई गति: बागेश्वर को प्रमुख टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की व्यापक कार्ययोजना

बैठक में उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एसएलओ स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार , अधि.अभि लोनिवि जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी, यूपीसीएल आदि सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top