Connect with us

लापता लोगों की तलाश जारी, भूवैज्ञानिक दल ने किया धराली-हर्षिल निरीक्षण

उत्तराखंड

लापता लोगों की तलाश जारी, भूवैज्ञानिक दल ने किया धराली-हर्षिल निरीक्षण

धराली में लापता लोगों की तलाश में सर्च अभियान आज भी जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना समेत कई टीमें सर्च अभियान में जुटी हैं। धराली में आई आपदा के 10 दिन बाद भी गांव में चुनौतियां बरकरार हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। मुखबा-धराली को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी के बीच से रस्सी के सहारे रसोई गैस सिलिंडर और अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  कमाल हो गया! भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे मैच में बने 781 रन, बल्लेबाजों ने 111 बाउंड्री ठोक मचाया गदर

शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र से गंभीर रूप से बीमार दो मरीजों एवं एक गर्भवती महिला को हेलीकॉप्टर के माध्यम से जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी भेजा गया। जसपुर गांव की 75 वर्षीय प्रतिमा देवी लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। वहीं, 61 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला चंद्रबाला पेट संबंधी गंभीर समस्या से जूझ रही हैं। दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हर्षिल हेलीपैड तक लाकर हवाई सेवा से जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी भेजा गया। जसपुर गांव की तीन माह की गर्भवती महिला निर्मला देवी को अचानक पेट में तेज़ दर्द की शिकायत हुई। हर्षिल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें भी हेलीकॉप्टर के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया।

यह भी पढ़ें 👉  देवभूमि रजत जयंती उत्सव में सौरभ मैठाणी के गीतों ने बांधा शमा

वहीं, हर्षिल में बनी करीब डेढ़ किमी लंबी झील ने अब बड़े दलदल का रूप ले लिया है। भागीरथी नदी में ऊपरी क्षेत्रों से बहकर आ रही गाद इसमें लगातार एकत्रित होने के कारण वहां पर कई टन मलबा जमा हो गया है। ऐसे में मशीनों से काम करने में परेशानी हो रही है।

यह भी पढ़ें 👉  धामी सरकार का सख्त कदम, बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बृहस्पतिवार को हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में बनी अस्थायी झील का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि झील के मुहाने से वर्तमान में जल का प्रवाह सुचारू रूप से हो रहा है। इससे तात्कालिक रूप से किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि नदी के किनारे में बहाव को अवरोध उत्पन्न कर रहे मलबे को हटाने की दिशा में युद्धस्तर पर मैनुअल रूप से कार्य किया जा रहा है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top